कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स भारत में पत्रकारों की जरूरतों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही है क्योंकि वे आपराधिक कार्रवाई से लेकर ऑनलाइन दुर्व्यवहार तक कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, और प्रेस के लिए बढ़ते हुए शत्रुतापूर्ण माहौल में संचालन करना सीख रहे हैं। ट्रस्टलॉ-थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन की वैश्विक नि:स्वार्थ सेवा के…